पत्रकार कल्याण समिति की बैठक में ग्रामीण पत्रकारों को मान्यता प्राप्त पत्रकारों जैसी सुविधाएं देने की मांग
रसूलाबाद कानपुर देहात। पत्रकार कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों की आवश्यक बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा सम्मान और उनकी विभिन्न समस्याओं को लेकर गंभीर मंथन किया गया। बैठक में पत्रकारों पर बिना समुचित जांच के मुकदमे दर्ज किए जाने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार से ऐसी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
पत्रकारों के मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी
बैठक को संबोधित करते हुए समिति के प्रदेश अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को शासन प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकार विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके बावजूद कई मामलों में पत्रकारों की शिकायत या समाचार को आधार बनाकर बिना निष्पक्ष जांच के उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े अनेक साथी विभिन्न समाचार पत्र संस्थानों में वर्षों से कार्य कर रहे हैं। लेकिन जब किसी पत्रकार के सामने कोई गंभीर संकट आता है अथवा दुर्घटना या बीमारी के कारण उसका जीवन संकट में पड़ जाता है तब कई बार संस्थान द्वारा उसे अपना रिपोर्टर मानने से ही इनकार कर दिया जाता है। यह स्थिति पत्रकार और उसके परिवार के लिए बेहद कष्टदायक होती है।
ग्रामीण अंचल का पत्रकार सीमित संसाधनों के बीच करते है काम
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल का पत्रकार सीमित संसाधनों में दिन-रात समाचार संकलन करता है। उसे गांव गांव और दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर खबरें जुटानी पड़ती हैं। इसके बावजूद उसे यात्रा उपचार और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं। ग्रामीण पत्रकारों की स्थिति कई बार बंधुआ मजदूर जैसी हो जाती है। उन्होंने सरकार से ग्रामीण पत्रकारों के लिए भी विशेष कल्याणकारी योजनाएं लागू करने की मांग की।
पत्रकारों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से की जाएगी मुलाकात
पत्रकार कल्याण समिति के संस्थापक गीतेश अग्निहोत्री ने कहा कि पत्रकार कल्याण समिति ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं को लेकर शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी। प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के समक्ष ग्रामीण पत्रकारों को मान्यता प्राप्त पत्रकारों की तरह सुविधाएं देने चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने यात्रा में राहत देने तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखेगा।
आंचलिक पत्रकारों को भी मिले कैशलेस चिकित्सा सुविधा
समिति उपाध्यक्ष एसपी द्विवेदी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाला पत्रकार बीमारी अथवा दुर्घटना का शिकार होने पर अक्सर अपने निजी खर्च से उपचार कराने को मजबूर होता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पत्रकारों को सरकारी अस्पतालों के साथ साथ निर्धारित व्यवस्था के तहत निजी नर्सिंग होम में भी निःशुल्क अथवा कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
पत्रकारों का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा बर्दास्त
बैठक में संगठन के कानपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष हरि नाथ यादव ने पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे कथित फर्जी मुकदमों की एक स्वर में निंदा कीऔर पत्रकारों का आवाह्न किया कि आपसी बुराइयों को छोड़कर एकता पर बल दिया ।पत्रकार कल्याण समिति के प्रदेश संयुक्त मंत्री रवि गुप्ता ने कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन पत्रकारों के हितों और सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगा। संगठन के प्रदेश महामंत्री अनुज पांडेय ने नियमित मीटिंग होनी चाहिए ।प्रदेश संगठन मंत्री हरि पाण्डेय प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल राजपूत ने संगठन की मजबूती पर बल दिया ।
आंचलिक पत्रकारों के लिए सरकार बनाए ठोस योजना
बैठक में सरकार से मांग की गई कि ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके लिए ठोस नीति बनाई जाए तथा पत्रकारों को रोडवेज बस में निशुल्क यात्रा,सुरक्षा चिकित्सा यात्रा और पहचान से संबंधित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में पत्रकार कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष संतोष गुप्ता संस्थापक गीतेश अग्निहोत्री एसपी द्विवेदी रवि गुप्ता राहुल राजपूत हरि पाण्डेय हरिनाथ सिंह यादव मधुर दुबे हरिश्चंद्र रमन सिंह मोहित बाथम रजनीश बाजपेयी पंकज शुक्ला अनुज पांडेय अभिषेक श्रीवास्तव सतेंद्र राठौर योगेंद्र सिंह यादव सहित दर्जनों पत्रकार साथी मौजूद रहे ।