कानपुर देहात में सुधार की राह दिखा रहा वक्त की आवाज
विश्व रेडियो दिवस पर विशेष—-
सुनाद न्यूज
13 फरवरी
गीतेश अग्निहोत्री
कानपुर। कानपुर देहात जिले का एक मात्र सामुदायिक रेडियो वक्त की आवाज क्षेत्र के बैरी दरियाव में संचालित है। खास बात यह है कि पूरा रेडियो स्टेशन सौर ऊर्जा से संचालित है। नौ किलोवाट के सौर पैनल लगे हैं। जिससे दो ऐसी,आधा दर्जन कम्प्यूटर,सबमर्सिबल पंप,पंखे लगे हैं।रोशनी के लिए एलईडी लगी हैं।
23 सितम्बर 2012 को वक्त की आवाज ने अपना प्रसारण शुरू किया था। 10 घंटे सामुदायिक प्रसारण प् हो रहा है।अपने ग्रमीण अंचल के विभिन्न मुद्दों ,जैसे कि बालिका शिक्षा,महिला सशक्तीकरण, घरेलू हिंसा,सामाजिक भेदभाव,शौचालय का सही तरह से उपयोग,स्वच्छता, जैविक खेती,स्वास्थ्य, महिला और कानून जैसे कार्यक्रमों का प्रसारण हो रहा है। वर्ष 2014 में नेशनल लाडली मीडिया अवार्ड दिया गया।इसी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2015,16,18में रेडियो के उत्कृष्ट कार्य के लिए मंच अवार्ड से नवाजा। वर्ष 2015 में मंथन अवार्ड,वर्ष 2019 में तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने” चौकन्नी चहार दिवारी,कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया। वर्ष 22 में कम्युनिटी एंगेजमेंट अवार्ड मिला। वक्त की आवाज की समन्वयक राधा शुक्ला वक्त की आवाज ने बताया कि वर्तमान समय में करीब छह लाख लोगों के बीच प्रसारण पहुंच रहा है। रेडियो में हरेंद्र ,सुजाता ,करिश्मा और आर जे हरी पाण्डेय समाज को जागरूक करने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
