मेडिकल कालेज के जेआर-इंटर्न डाक्टर समेत पांच कर्मी निलंबित
कानपुर देहात। मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में बीमार की तड़पकर मौत के बाद करीब दस घंटे तक शव वार्ड में ही पडे रहने व भर्ती अन्य मरीजों के भागने में कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रिंसिपल ने एक डयूटी डाक्टर जेआर, इंटर्न, वार्ड ब्वाय, स्वच्छक व आउटसोर्स कर्मी को निलंबित कर दिया है। जबकि फर्मासिसाट के निलंबन की संस्तुति महानिदेशक से की गई है।
अकबरपुर मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में शनिवार को भर्ती मरीज के शव का मामला
बता दें कि अकबरपुर मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में बीती शनिवार दोपहर दो लोग एक बीमार को गंभीर हालत में लाए थे। मरीज का नाम सुंदर (25) बताकर उसे भर्ती कराने वाले लोग चले गए। बीमार को इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर छह पर लिटाया गया। बाद में उसे उल्टियां होने लगी। इसपर इमरजेंसी डाक्टर मनीष उसे कानपुर हैलट रेफर कर दिया था। वहीं मरीज के साथ किसी के न होने पर अकबरपुर कोतवाली में पीआई भेजकर गार्ड की मांग की गई। इधर, रात में मरीज की मौत हो गई। फिर भी कोई जिम्मेदार घंटों नहीं आया और शव इमरजेंसी वार्ड के बेड में करीब दस घंटे तक पडा रहा था। दुर्गंध उठने पर वार्ड में भर्ती अन्य मरीज व उनके तीमारदार बाहर निकल आए थे।
डीएम ने भी जांच के।लिए बनाई है कमेटी
जानकारी पर डीएम कपिल सिंह के निर्देश पर रविवार सुबह सफाई कर्मी ने शव को मोर्च्युरी में रखवाया था। जिम्मेदारों की लापरवाही का मामला तूल पकड़ने पर डीएम ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की थी।
मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा. सज्जनलाल वर्मा ने उठाया कदम
इधर, मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा. सज्जनलाल वर्मा ने लापरवाही पर जेआर डयूटी डाक्टर अभिषेक शर्मा, इंटर्न डाक्टर विजय त्रिपाठी, वार्ड ब्वाय राजेश कुमार, स्वच्छक अरविंद बाल्मीकि व आउटसोर्स कर्मी रितेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं शिथिलता बरतने पर इमरजेंसी डयूटी फार्मासिस्ट अजय विश्वकर्मा को निलंबित करने की संस्तुति महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य लखनऊ से की है।
