आलू के गिरे दाम,किसानों के निकले आंसू
:- क्षेत्र के कोल्ड स्टोरेजो मे आलू भण्डारण के लिए मची मारा मारी :-
:- सरकार की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे किसान
अभय सिंह/सुनाद न्यूज
बिल्हौर(कानपुर),04 मार्च 2023। इस वर्ष बंपर आलू की पैदावार के बीच गिरे भाव ने आलू किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है।बिल्हौर तहसील क्षेत्र के हर छोटे बड़े गांव में बड़ी मात्रा में आलू उत्पादन किया जाता है। लेकिन पर्याप्त भाव ना मिल पाने के कारण किसान बेहाल नजर आ रहा है।लगातार कई दिनों से बाजार में चल रही गिरावट मार्च के प्रथम दिनों में भी उसी ढर्रे पर चलती नजर आई। जिससे किसान परेशान है। होली के त्यौहार पर आलू की दर बढ़ने की उम्मीद थी। लेकिन प्रथम 3 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक आलू बाजार में किसी प्रकार की रौनक नहीं आई है। बंपर पैदावार होने के कारण बिल्हौर क्षेत्र के कई कोल्ड स्टोरेजों में भंडारण के परेशानी खड़ी होने लगी है।अपनी- अपनी बारी के इंतजार में किसान कई जगहों पर झगड़ा भी कर चुका है। इसलिए कोल्ड स्टोरेजों के बाहर की लंबी-लंबी कतारें भी लगी हुई है बाजार की बात की जाए तो इन दिनों खाने वाला चिप्सोना आलू महज 170 से 180 अधिकतम 200 से 250 तक रेट में बिक रहा है। ऐसे में किसान द्वारा लगाई गई लागत आलू की फसल से नहीं निकल पा रही है।जिससे किसान को सरकार का ही सहारा नजर आ रहा है।क्षेत्र के उतरीपुरा ,बिल्हौर, मकनपुर,शिवराजपुर ,चौबेपुर अलियापुर ,देवकली जैसे छोटे कस्बों में स्थापित कोल्ड स्टोरेज भी बौने साबित हो रहे हैं हर कोल्ड स्टोर के बाहर बड़ी मात्रा में ट्रैक्टर लगे हुए खड़े।
किसान को सरकार से मदद की दरकार
आलू किसानों को इससे उबारने के लिए सरकार को आगे आना होगा। आलू निर्यात से ही किसानों की इस गंभीर चुनौती से निपटा जा सकता है। आलू के प्रमुख उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश है ऐसे मे केन्द्र व प्रदेश सरकार से किसानों को आलू के भाव मे सहयोग की दरकार है।
कोल्ड स्टोर में आलू को रखने में दिक्कत
नई फसल की अगैती खेती वाला आलू सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश मे उत्पादन होता है । स्थानीय मंडियों में भी कीमतें बहुत नीचे चल रही हैं। शुरुआती दिनों में नये आलू आने के समय कीमतें दो वर्ष पूर्व 500 रुपये से 800 रूपये क्विंटल तक थीं। लेकिन इस वर्ष किन कारणों मे मार्केट मे आलू के दाम गिरे है ये किसानों के लिए पहेली बन गया है।
“आलू खुदाई का पीक समय चल रहा है बाजारों मे आलू भरपूर मात्रा मे है और उत्पादन भी बंपर हुआ है। इसलिए आलू भण्डारण के बाद आलू का के रेट बढ़ेगें इसलिए अप्रैल माह मे रेट बढ़ने की सम्भावना है।किसानों से अनुरोध है कि कोल्ड स्टोरेज मालिकों के साथ टोकन की व्यवस्था के अनुरूप कार्य करे जिससे आपाधापी की स्थिति ना बनें आलू निर्यात शुरू होने के बाद बाजार मे रेट बढ़ने के संकेत है :-दिग्विजय भार्गव (जिला उद्यान अधिकारी कानपुर )
