कुईतखेड़ा के प्रधान व सचिव पर बड़ी कार्रवाई
ग्राम पंचायत कुईत खेड़ा के प्रधान एवं सचिव निलंबित, प्रथम आरोप पत्र की तैयारी तथा रिकवरी के आदेश
कानपुर देहात, 20 सितंबर 2025। जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों एवं सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से कठोर कार्यवाही की गई है। ग्राम पंचायत कुईत खेड़ा, विकास खंड अकबरपुर के ग्राम प्रधान, बृजेन्द्र सिंह एवं संबंधित पंचायत सचिव के विरुद्ध गंभीर वित्तीय अनियमितताओं एवं धनराशि के दुरुपयोग के मामले में दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जांच में आरोप समिति ने नियमों का पाया उल्लंघन
किये गए पत्राचार के क्रम में ग्राम प्रधान एवं सचिव द्वारा खाते से अनियमित रूप से निकासी किए जाने के आरोप पाए गए। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि निर्धारित प्रक्रिया एवं प्रावधानों की अनदेखी कर धनराशि का उपयोग किया गया, जिससे राज्य वित्त एवं अन्य मदों की पारदर्शिता प्रभावित हुई। मामले के गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि ग्राम प्रधान ब्रजेन्द्र सिंह एवं संबंधित सचिव को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध प्रथम दृष्टया आरोप पत्र तैयार कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ की जाए।
गमन की राशि की राशि की होगी रिकवरी
इसके साथ ही, यदि जांच में गमन (धनराशि की हानि) की पुष्टि होती है तो उतनी राशि की वसूली (रिकवरी) भी सुनिश्चित कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के लिए प्राप्त धनराशि जनता की अमानत है, जिसका प्रयोग पारदर्शिता एवं नियमानुसार होना आवश्यक है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या हेराफेरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि समयबद्ध जांच कराते हुए आरोप पत्र शासन को प्रेषित किया जाए तथा दोषियों से रिकवरी की कार्रवाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इस कार्यवाही से शासन एवं प्रशासन की यह मंशा स्पष्ट हो गई है कि भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों एवं योजनाओं के संचालन पर सतत निगरानी रखी जाएगी, ताकि आम जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सचिवों को चेतावनी दी है कि वे योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखें तथा वित्तीय नियमों का शत-प्रतिशत पालन करें। अन्यथा अनियमितता पाए जाने की स्थिति में कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
