खाव या न खाव कद्दू दिवस पर बधाई तो देव

सुनाद न्यूज/29सितंबर 2023। कद्दू का नाम सुनते ही कद्दू की सब्जी का स्वाद लोगों के जेहन में आ जाता है। विश्व भर में कद्दू की कई तरह की वैराइटी हैं। इसी कई तरह से बनाकर खाया जाता है। सब्जी के अलावा कई उपयोग हैं।

कद्दू में मुख्य रूप से बीटा केरोटीन पाया जाता है, जिससे विटामिन ए मिलता है। पीले और नारंगी रंग के कद्दू में केरोटीन की मात्रा अधिक होती है। कद्दू के बीज भी आयरन, जिंक, पोटेशियम और मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं। दुनिया भर में इस्तेमाल होने के कारण ही 29 सितंबर को ‘पंपकिन डे’ यानि कद्दू दिवस के रूप में मनाया जाता है। इतना सर्व सुलभ फल है कि इसे अमीर ,गरीब सब कोई खा सकता है। सब्जी के रूप में मिठाई के रूप में और सुबह नाश्ते में कद्दू के बीजों की नमकीन के रूप में। कद्दू भारत की राष्ट्रीय सब्जी है।भारतीय कद्दू के खाने से मधुमेह, उच्च रक्तचाप ,हृदय रोग नियंत्रित रहते हैं। गुर्दे और मूत्र संबंधी रोग में कद्दू खाने से लाभ होता है। कद्दू की सब्जी खाने से गरिष्ठ खाना बहुत जल्दी पच जाता है इसलिए भारत में तेल की पूड़ी कचौड़ी के साथ कद्दू की सब्जी परोसी जाती है ताकि पाचन तंत्र सही रहे।

गीतेश अग्निहोत्री/सुनाद न्यूज

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