जिओ तिवारी-मैनपुरी के दिव्यांग सूरज बने आईएएस

मैनपुरी के दिव्यांग सूरज तिवारी के आईएएस बनने की कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी। जो हताश होकर बैठ जाते हैं। या विगड़ैल रास्ते पर जाकर परेशानी का सबब बन जाते हैं

कानपुर,23 मई 2023। ‘मंजिल उन्ही को मिलती है जिनके सपनो में जान होती है।
पंखों से कुछ नही होता हौसलों से उड़ान होती है’। यह पंक्तियां मैनपुरी जनपद के कुरावली तहसील के मोहल्ला घरनाजपुर निवासी राजेश तिवारी के दिव्यांग पुत्र सूरज तिवारी पर सटीक बैठती है। 26 वर्षीय इस नवयुवक के दोनों पैर, हाथ वर्ष 2017 में ट्रेन हादसे में कट गए। दूसरे हाथ की केवल दो अगुलियां हैं। इन सब बाधाओं को पार कर गरीब घर के सूरज ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 971वीं रैंक पाकर मैनपुरी जनपद का नाम रोशन किया है।सूरज पर पूरे देश को गर्व है। पूरे प्रदेश और देश से लोग उनको बधाई दे रहे हैं।उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

आर्थिक हालात व दिव्यांग पर पड़े भारी 

सूरज एक दिव्यांग जरूर हैं।लेकिन वह ऐसे बचपन से नहीं थे। वर्ष 2017 में उनके साथ एक भयानक हादसा हुआ। सूरज ने ट्रेन एक्सीडेंट में दोनों पैर और एक हाथ और दूसरे हाथ की दो अंगुलियां खो दिया। हालांकि उन्होंने कभी कमजोर आर्थिक स्थिति और अपनी दिव्यांगता को अपनी मंजिल के रास्ते की बाधा नहीं बनने दिया। पिता टेलरिंग का काम करते हैं

 

 

 

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