नारेबाजी के बीच अधिवक्ताओं ने तहसीलदार को सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा
कानपुर देहात। बदमाशों द्वारा अपहरण कर कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की दो दिन पूर्व हत्या कर दिए जाने पर अधिवक्ताओं के बीच जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है। अधिवक्ता की हत्या पर अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को मैथा तहसील में लायर्स एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष व महामंत्री के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मृतक के परिजनों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने एवं एक करोड़ रुपए मुआवजा दिलवाए जाने एवं अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने एवं अपराधियों की गिरफ्तारी कर कार्यवाही किए जाने की मांग की है। ज्ञापन देते समय आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान तहसील परिसर में लोकसभा का भी आयोजन किया गया।
31 अक्टूबर को कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार
बताते चलें कि बीते 31 अक्टूबर को कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की अपराधियों द्वारा अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई है। हत्या से अधिवक्ताओं के बीच जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है। सोमवार को मैथा तहसील में कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष की हत्या पर आक्रोशित अधिवक्ताओं ने लायर्स एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष राजेश राजपूत एवं महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार संतोष कुमार सिंह को सौंपा। ज्ञापन देते हुए एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष ने कहा उक्त घटना को लेकर अधिवक्ता समाज में जबरदस्त रोष व्याप्त है आए दिन हो रही अधिवक्ताओं की घटना से अधिवक्ता समाज के बीच भय व्याप्त हो गया है क्योंकि अधिवक्ता समाज को आईना दिखाने का काम करता है जब अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनमानस की रक्षा कैसे कर सकता है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा तथा परिवार को सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग तथा आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किए जाने की भी मांग की है वहीं अधिवक्ताओं के हित में उनकी तमाम समस्याओं को देखते हुए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम पारित किए जाने की भी मांग की है।
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने वाले अधिवक्ता
ज्ञापन देने में प्रमुख रूप से पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह भदौरिया,भूपेंद्र सिंह यादव, कुलदीप तिवारी राजा,शिववीर सिंह चौहान,पुनीत मिश्रा,आकांक्षा द्विवेदी,बलीशंकर चतुर्वेदी,अजय कुमार, विवेक भदौरिया, गीतेश अग्निहोत्री बालकृष्ण गुप्ता जितेंद्र कुमार मिश्रा,धर्मवीर सिंह,अंकित द्विवेदी रवि द्विवेदी जय नारायण राठौर रियाज मोहम्मद,वसीम आजाद आशुतोष द्विवेदी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी जनार्दन सिंह यादव मोहम्मद वसीम आजाद, सत्येंद्र सिंह,अभिषेक सिंह,सुभाष चंद्र, अभिनव त्रिपाठी, राजू यादव,दीपमाला समेत आधा सैकड़ा से अधिक अधिवक्ता मौजूद रहे।