कानपुर देहात के परसौरा में जन्मे थे भगवान परशुराम

ग्रामीणों की अगाध आस्था है कि भगवान परशुराम का जन्म इसी गांव में हुआ था

कानपुर। कानपुर देहात जिले की तहसील रसूलाबाद के गांव परसौरा में भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी का मंदिर बना है। जिसमें भगवान परशुराम जी की दिव्य मूर्ति स्थापित है। यहां पर अक्षय तृतीया को भगवान परशुराम का जन्मोत्सव बड़ी ही श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। और दूर दूर से श्रद्धालु यहां दर्शनार्थ आते है। ग्रामीणों की अगाध आस्था है कि भगवान परशुराम का जन्म इसी गांव में हुआ था। और उनके नाम पर ही गांव का नाम अपभ्रंश होकर परसौरा हो गया।

परसौरा से दो किलोमीटर दूर है महर्षि जमदग्नि आश्रम

परसौरा ग्राम से लगभग दो किलोमीटर दूरी पर भगवान परशुराम के पिता महर्षि जमदग्नि आश्रम है। उस जगह को जमथर खेड़ा के नाम से जाना जाता है।

स्वप्न देख भक्तों ने बनवाया था मंदिर

जनश्रुति के अनुसार परसौरा में भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। इसके चलते लगभग 8 दशक पूर्व यहां उनका मंदिर श्रद्धालु भक्त ने स्वप्न में मिले आदेश के अनुसार बनवाया था। तब से यहां पर अक्षय तृतीया को भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव धूमधाम व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

रामचरितमानस पाठ,उपनयन संस्कार के बाद हुआ भंडारा

परसौरा गांव में भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव पर 11 बटुकों का उपनयन संस्कार भी संपन्न हुआ। 18 अप्रैल को प्रारंभ हुए रामचरितमानस अखंड पाठ का समापन भी अक्षय तृतीया के दिन रविवार को हुआ। कार्यक्रम के उपरांत प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया गया। परशुराम सेवा समिति के मुताबिक ग्यारह बटुकों निखिल तिवारी मलखानपुर, पंकज शर्मा सुखीपुर, प्रशांत मिश्रा रसूलाबाद,अरविंद दुबे औड़ेरी सिकंदरा, आर एन तिवारी भंदेमऊ, शुभम तिवारी भंदेमऊ,दिलीप मगनू, ज्योतिमणि तिवारी सिकंदरा, वैभव मिश्रा उमर्दा कन्नौज,‌ कुलदीप मगनू व रोहित तिवारी भारामऊ के यज्ञोपवीत संस्कार हुए। संस्कार पंडित हरि श्रवण त्रिपाठी कन्नौज, चंद्रशेखर दुबे डूड़ामहुआ, अरविंद अवस्थी मलखानपुर, रामजी त्रिवेदी रसूलाबाद, अनुराग मिश्रा भारामऊ, अनिरुद्ध पांडे अमरोहिया व सचिन तिवारी परसौरा आचार्यों की देखरेख में संपन्न हुए।

 

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