योगी सरकार में प्रधानों की बल्ले बल्ले
57,695 से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रधान अब प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे सीएम योगी की मंजूरी
उत्तर प्रदेश में 26 मई को ग्राम प्रधानों का 5 साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, पंचायत चुनाव संपन्न होने तक मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) और प्रशासनिक समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है。यूपी पंचायत चुनाव और प्रशासक व्यवस्थाओबीसी आरक्षण आयोग के गठन और अन्य प्रक्रियाओं के कारण पंचायत चुनाव में देरी को देखते हुए, प्रदेश सरकार ने पंचायती राज अधिनियम की धाराओं का उपयोग किया है।
प्रधान पहली बार बने प्रशासक
पहली बार ऐसा हुआ है कि सरकारी अधिकारियों या एडीओ पंचायत की बजाय, वर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है ताकि गांवों में विकास कार्य न रुकें।
बड़ी जिम्मेदारी
सभी 57,695 से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रधान अब प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे सीएम की मंजूरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है
अवधि: यह वैकल्पिक व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक कि राज्य में नए पंचायत चुनाव संपन्न नहीं हो जाते।
